कृषि निर्यात संवर्धन योजना (एएचपी)
कृषि निर्यात संवर्धन योजना (एएचपी)

कृषि निर्यात संवर्धन योजना (एएचपी):

भूमिका:

भारत एक कृषि प्रधान देश है, जिसके पास विविध कृषि उत्पादों का विशाल भंडार है। हालांकि, भारत की कृषि क्षेत्र की क्षमता का अभी तक पूरा उपयोग नहीं हो पाया है। कई कृषि उत्पादों का उत्पादन तो अधिक होता है, लेकिन उनकी प्रसंस्करण क्षमता कम होने के कारण इनका निर्यात सीमित रह जाता है। इसके अलावा, वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा भी काफी तीव्र है।

कृषि निर्यात संवर्धन योजना (एएचपी) भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है जो कृषि प्रसंस्करण उद्यमों को वैश्विक बाजार से जोड़ने और कृषि निर्यात को बढ़ावा देने का प्रयास करती है।

योजना के उद्देश्य:

  • कृषि और कृषि प्रसंस्कृत उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना।
  • कृषि प्रसंस्करण उद्योगों को वैश्विक बाजार से जोड़ना।
  • भारतीय कृषि उत्पादों की ब्रांडिंग और विपणन को मजबूत करना।
  • अंतरराष्ट्रीय बाजार मानकों के अनुरूप उत्पाद तैयार करने के लिए प्रोत्साहित करना।
  • विदेशी मुद्रा आय में वृद्धि करना।
  • रोजगार के अवसर पैदा करना।
  • किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाना।

योजना के लाभार्थी:

  • कृषि प्रसंस्करण इकाइयां।
  • अपेक्स सहकारी विपणन संघ (एपीसीएम)।
  • कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ)।
  • निर्यात संघ।

योजना के तहत मिलने वाली सहायता:

  • आवश्यक बुनियादी ढांचे के विकास के लिए वित्तीय सहायता।
  • अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों में भाग लेने के लिए सहायता।
  • विपणन और ब्रांडिंग गतिविधियों के लिए सहायता।
  • अंतरराष्ट्रीय बाजार अनुसंधान के लिए सहायता।
  • निर्यात बाजार विकास सहायता (एमडीडी)।
  • पैकेजिंग और गुणवत्ता नियंत्रण के लिए सहायता।

प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना (पीएम स्वामित्व योजना)

प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना (पीएम स्वामित्व योजना)
प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना (पीएम स्वामित्व योजना)

 

आवेदन कैसे करें:

  • इच्छुक लाभार्थी योजना की आधिकारिक वेबसाइट https://www.apeda.gov.in/ पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
  • आवेदन पत्र भरने के लिए, आपको अपनी कंपनी की जानकारी, उत्पाद विवरण, निर्यात योजना आदि से संबंधित जानकारी प्रदान करनी होगी।
  • आवेदन पत्र के साथ, आपको आवश्यक दस्तावेजों की प्रतियां संलग्न करनी होंगी।

योजना के लाभ:

  • कृषि निर्यात संवर्धन योजना (एएचपी) कृषि प्रसंस्करण उद्यमों को वैश्विक बाजार तक पहुंचने में मदद करती है।
  • योजना के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता से उद्यम पूंजीगत निवेश और निर्यात संवर्धन गतिविधियों को अंजाम दे सकते हैं।
  • **योजना अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय कृषि उत्पादों की प्रतिस्पर्धा को बढ़
कृषि निर्यात संवर्धन योजना (एएचपी): योजना के लाभ

कृषि निर्यात संवर्धन योजना (एएहपी) भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक महत्वपूर्ण योजना है जो कृषि प्रसंस्करण उद्यमों को वैश्विक बाजार से जोड़ने और कृषि निर्यात को बढ़ावा देने का प्रयास करती है। यह योजना कृषि प्रसंस्करण उद्योगों को कई लाभ प्रदान करती है, जिनमें शामिल हैं:

1. वित्तीय सहायता:

  • योजना के तहत, कृषि प्रसंस्करण उद्यमों को विभिन्न प्रकार की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जैसे कि:
    • आवश्यक बुनियादी ढांचे के विकास के लिए वित्तीय सहायता।
    • अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों में भाग लेने के लिए सहायता।
    • विपणन और ब्रांडिंग गतिविधियों के लिए सहायता।
    • अंतरराष्ट्रीय बाजार अनुसंधान के लिए सहायता।
    • निर्यात बाजार विकास सहायता (एमडीडी)।
    • पैकेजिंग और गुणवत्ता नियंत्रण के लिए सहायता।

2. बाजार जुड़ाव:

  • योजना कृषि प्रसंस्करण उद्यमों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने में मदद करती है। योजना के तहत, उद्यमों को विभिन्न प्रकार की सहायता प्रदान की जाती है, जैसे कि:
    • अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों में भाग लेने के लिए सहायता।
    • विदेशी खरीदारों के साथ बैठकें आयोजित करने के लिए सहायता।
    • निर्यात बाजार अनुसंधान के लिए सहायता।
    • बाजार प्रचार और ब्रांडिंग के लिए सहायता।

3. कौशल विकास:

  • योजना कृषि प्रसंस्करण उद्योगों में काम करने वाले लोगों के लिए कौशल विकास कार्यक्रम भी प्रदान करती है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य उद्योग में काम करने वाले लोगों के कौशल और ज्ञान को विकसित करना है, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धा कर सकें।

4. अनुसंधान और विकास:

  • योजना कृषि प्रसंस्करण उद्योग में अनुसंधान और विकास को भी बढ़ावा देती है। योजना के तहत, उद्यमों को अनुसंधान और विकास गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इसका उद्देश्य उद्योग में नवीन तकनीकों और उत्पादों को विकसित करना है।

5. नीतिगत समर्थन:

  • योजना कृषि प्रसंस्करण उद्योगों को नीतिगत समर्थन भी प्रदान करती है। योजना के तहत, सरकार उद्योग के लिए अनुकूल नीतियां बनाती है और लागू करती है।

निष्कर्ष:

कृषि निर्यात संवर्धन योजना (एएहपी) कृषि प्रसंस्करण उद्योगों के लिए एक महत्वपूर्ण योजना है। यह योजना उद्यमों को वित्तीय सहायता, बाजार जुड़ाव, कौशल विकास, अनुसंधान और विकास, और नीतिगत समर्थन प्रदान करती है। यह योजना कृषि प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ने और विकसित होने में मदद करती है, जिससे भारतीय कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा मिलता है।

अधिक जानकारी के लिए सरकारी वेबसाइट पर जाएँ

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